‘विकसित भारत-जन सेवा अभियान’ को लेकर उच्चस्तरीय बैठक, जन-जन तक पहुंचे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ

जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ‘विकसित भारत-जन सेवा अभियान’ का उद्देश्य जनसेवा, सामाजिक सरोकार और प्रशासन की भावना को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ किसानों, महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। विभाग आपसी समन्वय के साथ अभियान की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएं और अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ दिलाएं।

मुख्यमंत्री मंगलवार को ‘विकसित भारत-जन सेवा अभियान’ को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के माध्यम से सरकार की योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और नागरिक सेवाओं की जानकारी समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाई जाए। साथ ही जनभागीदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

28 सितंबर तक चलेगा ‘सेवा सेतु अभियान’

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में संचालित ‘सेवा सेतु अभियान’ को तीन दिवस बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं तथा नागरिक सेवाओं का स्थानीय स्तर पर लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान 28 सितंबर तक प्रदेशभर में संचालित होगा। इस अभियान के माध्यम से योजनाओं की जानकारी, पंजीयन एवं लाभ वितरण के साथ नागरिक सेवाओं से जुड़ी समस्याओं तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को आगामी त्योहारों को देखते हुए सड़क, स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौसमी बीमारियों की प्रभावी रोकथाम एवं उपचार के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने तथा पर्याप्त दवाओं और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा सुविधाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित चिकित्सा अधिकारियों एवं कार्मिकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ऑनलाइन संकल्प पत्र भरने में राजस्थान देश में अव्वल

बैठक में बताया गया कि ‘विकसित भारत जन सेवा अभियान’ के तहत प्रदेशभर में 383 रक्तदान शिविरों का आयोजन कर 15 हजार से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया गया है। वहीं, राज्य में 37 हजार से अधिक ऑनलाइन संकल्प पत्र भरे गए हैं, जो देश में सर्वाधिक बताए गए। अभियान के तहत आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में 30 लाख परिवारों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इसके अलावा ‘भारतीय त्रिनेत्र’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 1,750 से अधिक कार्यक्रमों में 13 लाख 40 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। ‘जनभागीदारी का पर्व’ कार्यक्रम के तहत 660 शिविरों में 2 लाख 25 हजार से अधिक आमजन ने भाग लिया। वहीं ‘नमो सेवा अनोखी कहानियां’ कार्यक्रम के तहत अब तक 20 हजार 406 कार्यक्रमों में 18 लाख 55 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी की।

बैठक में बताया गया कि विकसित भारत जन सेवा अभियान के तहत प्रदेश में 12 प्रमुख कार्यक्रम एवं गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें ‘आशीर्वाद का त्योहार’, ‘स्वच्छता रविवार’, ‘सेवा में भारत-स्वच्छता कहानी’, ‘आमने सामने की कहानी’, ‘आयुष्मान मिलन सेवा’, ‘सखी की कहानी, सेवा की कहानी’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग-राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ तथा ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

दीपावली से पहले सड़कें दुरुस्त करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दीपावली से पूर्व सड़कों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय शासन विभाग को सफाई एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा। साथ ही विद्युत विभाग के अधिकारियों को प्रदेशभर में बिजली की निर्बाध एवं सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आगामी त्योहारों के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव तथा अन्य उच्च अधि

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