ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर को गति देने के लिए ट्रांसमिशन परियोजनाओं की समीक्षा, इंटर स्टेट एवं इंट्रा स्टेट परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता

जयपुर । मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में पावर ग्रिड तथा प्रदेश के ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इंटर स्टेट एवं इंट्रा स्टेट ट्रांसमिशन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने प्रदेश में इन परियोजनाओं से संबंधित मार्गाधिकार (राइट ऑफ वे) की समस्या सहित अन्य बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। प्रदेश में स्थापित अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं से उत्पादित बिजली की सुचारु निकासी तथा विभिन्न क्षेत्रों तक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं उच्च क्षमता वाले ट्रांसमिशन ग्रिड का निर्माण केवल प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। इसके लिए इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना आवश्यक है।

बैठक में मुख्य सचिव ने पावर ग्रिड के अधिकारियों से लंबित परियोजनाओं की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। पावर ग्रिड की ओर से आश्वस्त किया गया कि राज्य सरकार के सहयोग से सभी ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स को शीघ्रता से पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। बैठक में पावर ग्रिड ने सोलर पार्कों से उत्पादित बिजली को बिना ट्रिपिंग के अन्य राज्यों में भेजने के लिए अधिक प्रसारण क्षमता वाली हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) लाइनों के लिए भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इस पर मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में पावर ग्रिड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री वीआर मोहन दूरे, शासन सचिव ऊर्जा सुश्री आरती डोगरा, अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री रोहित गुप्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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