राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र का मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण, परिवादियों से वीडियो कॉल पर संवाद कर जानी समाधान एवं संतुष्टि की स्थिति
जयपुर । मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन ने शनिवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंचायतीराज, ऊर्जा तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों के उन परिवादियों से वीडियो कॉल पर संवाद किया, जो पूर्व में किए गए समाधान से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने भरतपुर के धौलपुर, डीग एवं सवाई माधोपुर के परिवादियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के समाधान की स्थिति जानी। साथ ही संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
हेल्पलाइन केंद्र के निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने पंचायतीराज विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विभागवार प्राप्त शिकायतों, निस्तारण, औसत निस्तारण समय और संतुष्टि स्तर की जानकारी ली। साथ ही लंबित एवं असंतुष्ट परिवादियों की शिकायतों के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सीधे आमजन से जुड़ा विभाग है। लोगों की पेयजल से संबंधित समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नल कनेक्शन, टैंकर, ट्यूबवेल तथा पाइपलाइन लीकेज जैसी समस्याओं को लंबित नहीं रखा जाए। इसके लिए शिकायतों के समाधान हेतु जिलावार विशेष अभियान चलाकर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में प्राप्त 8,58,234 शिकायतों में से 8,42,904 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।
मुख्य सचिव ने पंचायतीराज विभाग की शिकायतों की भी समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा आमजन को स्वामित्व का अधिकार देने के लिए चलाए जा रहे अभियान से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि परिवादियों के दस्तावेजों से संबंधित शिकायतों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। विभाग से संबंधित कुल 4,44,386 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 4,34,033 का निस्तारण किया जा चुका है।
उन्होंने ऊर्जा विभाग से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की। बिजली आपूर्ति एवं ट्रांसफार्मर संबंधी शिकायतों के समाधान पर मुख्य सचिव ने संतोष व्यक्त किया। अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का औसत निस्तारण समय 10 दिन तथा संतुष्टि स्तर 78 प्रतिशत से अधिक है। वहीं जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का औसत निस्तारण समय 8 दिन तथा संतुष्टि स्तर 82.41 प्रतिशत है। जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का औसत निस्तारण समय 12 दिन तथा संतुष्टि स्तर 77 प्रतिशत से अधिक है।
निस्तारण के साथ संतुष्टि स्तर भी बढ़े
मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 14 हजार शिकायतें प्राप्त होती हैं और लगभग इतनी ही शिकायतों का निस्तारण भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण का प्रतिशत अच्छा है, लेकिन विभागों का लक्ष्य परिवादियों की संतुष्टि के स्तर को लगातार बेहतर करना होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परिवादों का समाधान हो चुका है, उनकी गुणवत्ता और परिवादी की संतुष्टि की भी समीक्षा की जाए। साथ ही असंतुष्ट परिवादियों की शिकायतों को विशेष प्राथमिकता देते हुए उनका पुनः समाधान सुनिश्चित किया जाए।
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