‘हनुमान अंश’ की सफलता को संगीतकारों ने बताया चमत्कार, साधु तिवारी और ऋषि पाठक बोले- भगवान का प्लान था

नई दिल्ली। फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर अपनी अप्रत्याशित सफलता को लेकर चर्चा में है। नीम करौली बाबा के जीवन, आध्यात्मिक विचारों और उनके संदेशों पर आधारित इस फिल्म ने धीमी शुरुआत के बाद जिस तरह दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाई, उसने फिल्म की पूरी टीम को भी हैरान कर दिया। फिल्म के संगीतकार साधु तिवारी और ऋषि पाठक ने इसकी सफलता को केवल बॉक्स ऑफिस का आंकड़ा नहीं, बल्कि भगवान का आशीर्वाद और चमत्कार बताया है। दोनों का कहना है कि फिल्म को सच्चाई और श्रद्धा के साथ बनाया गया और इसके बाद जो कुछ हुआ, वह उनके मुताबिक भगवान की योजना का हिस्सा था।

शुरुआत में नहीं मिला वैसा रिस्पॉन्स

‘हनुमान अंश’ की कहानी आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर केंद्रित है। फिल्म के लेखक, निर्देशक और निर्माता डॉ. विशाल चतुर्वेदी हैं। फिल्म में शोभिनव सत्या ने प्रमुख भूमिका निभाई है। कम बजट में बनी इस फिल्म को शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर बहुत ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं मिली। रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म की शुरुआती कमाई काफी धीमी रही। इसके बावजूद टीम ने फिल्म के कंटेंट और उसके संदेश पर भरोसा बनाए रखा। धीरे-धीरे दर्शकों की प्रतिक्रिया बदलने लगी और फिल्म की चर्चा लोगों के बीच फैलती चली गई। इसके बाद ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर तेजी पकड़ ली।

संगीतकारों ने सफलता को बताया भगवान का प्लान

फिल्म के संगीतकार साधु तिवारी और ऋषि पाठक ने फिल्म की सफलता पर बात करते हुए इसे भगवान का प्लान बताया। उनका मानना है कि फिल्म को जिस उद्देश्य और भावना के साथ बनाया गया था, उसका असर दर्शकों तक पहुंचा। संगीतकारों के मुताबिक टीम ने फिल्म को केवल व्यावसायिक प्रोजेक्ट के तौर पर नहीं देखा। इसके पीछे नीम करौली बाबा के विचारों और उनके आध्यात्मिक संदेशों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की भावना थी। यही वजह है कि फिल्म की सफलता को टीम के सदस्य सामान्य बॉक्स ऑफिस सफलता से अलग नजरिए से देखते हैं।

रिलीज से पहले हुए आठ बड़े भंडारे

फिल्म से जुड़े लोगों ने रिलीज से पहले भी आध्यात्मिक गतिविधियों पर जोर दिया था। एक बातचीत में ऋषि पाठक ने बताया कि फिल्म की रिलीज से पहले आठ बड़े मंगलवार को भंडारे आयोजित किए गए थे। इन भंडारों के पीछे नीम करौली बाबा की उस सीख को आधार बनाया गया, जिसमें लोगों से प्रेम करने, जरूरतमंदों को भोजन कराने और भगवान का नाम लेने की बात कही जाती है। टीम के सदस्य मंदिरों के बाहर लोगों को भोजन कराते थे और इस दौरान फिल्म के बारे में भी लोगों को बताते थे। ऋषि पाठक के अनुसार टीम का मानना था कि फिल्म का प्रचार केवल पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि सेवा और सकारात्मक संदेश के माध्यम से भी होना चाहिए।

रिलीज के बाद आई मुश्किलें भी

फिल्म की टीम के लिए सफर पूरी तरह आसान नहीं रहा। साधु तिवारी ने बताया कि रिलीज के शुरुआती दिनों में उनके गृह नगर ग्वालियर से भी फिल्म को सिनेमाघरों से हटा दिया गया था। ऐसे समय में फिल्म की टीम के लिए आगे की राह चुनौतीपूर्ण थी। हालांकि, इसके बाद दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ती गई। सोशल मीडिया और लोगों की व्यक्तिगत सिफारिशों के जरिए फिल्म को नए दर्शक मिलने लगे। धीरे-धीरे यह चर्चा बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में भी दिखाई देने लगी।

संगीत बना फिल्म की पहचान

‘हनुमान अंश’ की कहानी के साथ-साथ इसका संगीत भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुआ है। फिल्म में कुल 11 गाने बताए गए हैं, जिनमें ‘पार्वती’, ‘मैंने तेरे ही भरोसे’, ‘जय हनुमान’, ‘राम भजन की ओर’ और ‘वैष्णव जन तो’ जैसे गीत शामिल हैं। साधु तिवारी ने फिल्म के कई गीतों को अपनी आवाज दी है और कुछ गीतों के लेखन तथा संगीत से भी जुड़े हैं। ‘पार्वती’ गीत को लेकर भी दर्शकों के बीच खास चर्चा रही है। दूसरी ओर ऋषि पाठक ने भी फिल्म के संगीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

कम बजट में बड़ी सफलता

‘हनुमान अंश’ की सबसे खास बात इसकी लागत और कमाई के बीच का अंतर है। रिपोर्टों के अनुसार फिल्म का बजट करीब 2 करोड़ रुपये के आसपास रहा, जबकि बाद में इसने बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई का आंकड़ा पार किया। हालिया ट्रेड रिपोर्टों में भारत में फिल्म की नेट कमाई 143 करोड़ रुपये से अधिक और ग्रॉस कलेक्शन 169 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया गया है। फिल्म की यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें किसी बड़े बॉलीवुड स्टार का सहारा नहीं था। इसके बावजूद दर्शकों ने फिल्म को पसंद किया और इसकी कहानी तथा आध्यात्मिक संदेश को आगे बढ़ाया।

‘वर्ड ऑफ माउथ’ बना सबसे बड़ा प्रचार

फिल्म की सफलता में ‘वर्ड ऑफ माउथ’ यानी दर्शकों की आपसी सिफारिश की बड़ी भूमिका रही। जिन लोगों ने फिल्म देखी, उन्होंने अपने परिचितों और सोशल मीडिया के जरिए इसके बारे में चर्चा की। इसके कारण धीरे-धीरे दर्शकों की संख्या बढ़ती गई। फिल्म की टीम का मानना है कि सच्चे भाव और ईमानदारी से बनाई गई कहानी को दर्शकों तक पहुंचने में समय लग सकता है, लेकिन अगर दर्शकों को उसमें जुड़ाव महसूस हो जाए तो उसका असर लंबे समय तक रह सकता है। ‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस यात्रा इसी बात का उदाहरण बनकर सामने आई है।

फिल्म टीम के लिए सफलता बनी आध्यात्मिक अनुभव

‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद फिल्म की टीम लगातार विभिन्न स्थानों पर दर्शकों और संस्थानों से संवाद कर रही है। हाल ही में टीम ने कानपुर के सीएसजेएम विश्वविद्यालय में भी अपने अनुभव साझा किए, जहां फिल्म के लेखक-निर्देशक एवं निर्माता डॉ. विशाल चतुर्वेदी, अभिनेता शोभिनव सत्या, अभिनेत्री पूर्णिमा तिवारी, संगीत निर्देशक साधु तिवारी और ऋषि पाठक सहित टीम के सदस्यों का सम्मान किया गया। कुल मिलाकर, ‘हनुमान अंश’ की कहानी सिर्फ एक फिल्म की बॉक्स ऑफिस सफलता तक सीमित नहीं रही। धीमी शुरुआत से लेकर करोड़ों रुपये की कमाई तक का सफर फिल्म की पूरी टीम के लिए खास अनुभव बन गया है। साधु तिवारी और ऋषि पाठक इसे भगवान का आशीर्वाद और चमत्कार मानते हैं, जबकि फिल्म की टीम के अनुसार इसका मूल उद्देश्य नीम करौली बाबा के जीवन और उनके संदेश को दर्शकों तक पहुंचाना था।

Share: