राजस्थान के स्कूलों तक पहुंचा ‘ईट राइट’ का संदेश, 80 हजार से अधिक विद्यार्थियों को किया जागरूक

जयपुर। राजस्थान में बच्चों और युवाओं को सुरक्षित, पौष्टिक एवं संतुलित भोजन के प्रति जागरूक करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ‘ईट राइट इनिशिएटिव’ के तहत प्रदेशभर में 3 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वस्थ खान-पान की आदत विकसित करना और उन्हें खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।

270 से अधिक स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम

प्रमुख शासन सचिव डॉ. गायत्री राठौड़ और खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देशन में अभियान के तहत 3 और 5 अक्टूबर को प्रदेश के 270 से अधिक स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 80 हजार से अधिक विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं स्वस्थ खान-पान के बारे में जानकारी दी गई। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने विद्यार्थियों को सरल भाषा में बताया कि स्वस्थ रहने के लिए किन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए और किन चीजों से बचना जरूरी है। कार्यक्रमों में खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान, संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षित भोजन के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।

मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से दी जा रही व्यावहारिक जानकारी

अभियान के दौरान मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब का भी उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को खाद्य पदार्थों की मौके पर प्राथमिक जांच के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति सतर्क रहने और सुरक्षित भोजन के चयन को लेकर भी व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। विभाग का प्रयास है कि विद्यार्थी केवल जानकारी हासिल न करें, बल्कि दैनिक जीवन में भी खाद्य सुरक्षा से जुड़ी सावधानियों को अपनाएं।

बच्चों को जागरूक उपभोक्ता बनाना उद्देश्य

खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने कहा कि बच्चों में शुरुआत से ही सही खान-पान की आदत विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को जानकारी देना नहीं है, बल्कि उन्हें जागरूक उपभोक्ता बनाना भी है। उन्होंने कहा कि बच्चे स्वयं सुरक्षित और पौष्टिक भोजन का चयन करने के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों को भी स्वस्थ एवं सुरक्षित खान-पान के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

कॉलेज और विश्वविद्यालय भी होंगे अभियान में शामिल

‘ईट राइट इनिशिएटिव’ के आगामी चरण में अभियान का दायरा और बढ़ाया जाएगा। इसके तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों के साथ कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों को भी व्यापक रूप से जोड़ा जाएगा। इससे बच्चों के साथ-साथ युवाओं को भी सुरक्षित, पौष्टिक और संतुलित भोजन के प्रति जागरूक करने में मदद मिलेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान प्रदेश में स्वस्थ खान-पान की संस्कृति को बढ़ावा देने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा को लेकर आमजन में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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