राजस्थान में पंचायत चुनावों की घोषणा आज: 4 चरणों में हो सकते हैं चुनाव, आचार संहिता लागू होने के साथ तबादलों पर पाबंदी

जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग शनिवार, 3 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे पंचायत चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगा। आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मतदान के चरण, तारीखें, नामांकन, मतदान और मतगणना से जुड़ी समय-सारिणी सामने आने की उम्मीद है। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद सरकार और प्रशासन के कई फैसलों पर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश लागू होंगे। खास तौर पर सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों पर पाबंदी रहेगी।

चार चरणों में मतदान की संभावना

राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव चार चरणों में कराए जाने की संभावना है। हालांकि अंतिम चरण और मतदान की तारीखों की पुष्टि राज्य निर्वाचन आयोग की घोषणा के बाद ही होगी। पहले सामने आए प्रस्तावित कार्यक्रम में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव चार चरणों में कराने की योजना बताई गई थी। चुनाव में ग्राम पंचायतों के साथ पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर के प्रतिनिधियों का भी निर्वाचन होगा। चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट हो जाएगी।

आचार संहिता के साथ तबादलों पर रोक

चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही ग्रामीण राजस्थान में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद प्रशासनिक और सरकारी कामकाज पर निर्वाचन आयोग के नियम प्रभावी रहेंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा चुनाव अवधि के दौरान नई घोषणाओं, राजनीतिक गतिविधियों और सरकारी कार्यक्रमों पर भी आचार संहिता के प्रावधान लागू होंगे। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रशासन को निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार काम करना होगा।

1.69 लाख से ज्यादा जनप्रतिनिधियों का होगा चुनाव

पंचायतीराज चुनाव में प्रदेशभर में करीब 1.69 लाख से ज्यादा जनप्रतिनिधियों का चुनाव होना है। इनमें 1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य शामिल हैं। इनके माध्यम से 41 जिला प्रमुख और 457 पंचायत समिति प्रधान चुने जाएंगे। इसके अलावा 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच, उपसरपंच और करीब 1.30 लाख वार्ड पंचों के चुनाव भी होंगे। इस तरह चुनाव का दायरा गांव से लेकर जिला स्तर तक रहेगा।

सरपंच-पंच के लिए बैलेट, पंचायत समिति-जिला परिषद में EVM

चुनाव व्यवस्था में अलग-अलग पदों के लिए मतदान की अलग प्रणाली प्रस्तावित है। सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव बैलेट पेपर से, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव EVM से कराए जाने की जानकारी सामने आई है। पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी लागू रहेगा। जिला प्रमुख और पंचायत समिति प्रधान के आरक्षण की तस्वीर पहले ही तय की जा चुकी है।

आज साफ होगी पूरी चुनावी तस्वीर

राज्य निर्वाचन आयोग की दोपहर 3 बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि मतदान कितने चरणों में होगा और प्रत्येक चरण की तारीख क्या रहेगी। इसके साथ ही नामांकन, मतदान, मतगणना और विभिन्न पंचायतीराज पदों के चुनाव की पूरी समय-सारिणी भी सामने आने की उम्मीद है। पंचायत चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में चुनावी प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो जाएगी और राजनीतिक दलों तथा संभावित उम्मीदवारों की गतिविधियां तेज होंगी।

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