राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र, बोले- शिक्षा के साथ नैतिकता और विवेक भी जरूरी

जयपुर, 17 अक्टूबर 2026। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि केवल परीक्षा में उत्तीर्ण होना ही जीवन में सफलता का पैमाना नहीं है। वास्तविक सफलता के लिए शिक्षा के साथ विवेक, समझदारी, ज्ञान और बौद्धिक क्षमताओं का विकास जरूरी है। उन्होंने युवाओं से कर्तव्यबोध, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने पर जोर दिया।

राज्यपाल शनिवार को जयपुर के एक निजी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘इण्डियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशन’ के अंतर्गत जेन जी और जेन अल्फा के लिए शिक्षा एवं समाधान विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

बौद्धिक विकास से ही मिलेगी जीवन में सफलता

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में विवेक, समझदारी और ज्ञान विकसित करना भी होना चाहिए। जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए बौद्धिक क्षमताओं का विकास बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में कर्तव्य की भावना विकसित होनी चाहिए। इससे समाज में जवाबदेही बढ़ेगी और लोग अपने दायित्वों को बेहतर तरीके से निभा सकेंगे।

उन्होंने प्राथमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा को उच्च शिक्षा की मजबूत नींव बताया। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए शुरुआती शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। विद्यार्थियों को सामान्य ज्ञान से जोड़ना चाहिए, ताकि उनका बौद्धिक विकास हो और वे अपने आसपास की परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार रहने की सलाह

राज्यपाल ने युवाओं से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा और रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियां बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं।

उन्होंने भारतीय वैज्ञानिक कमला भागवत सोहनी का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें मुंबई विश्वविद्यालय में प्रवेश पाने के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने प्रयासों से वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। कमला सोहनी ने खाद्य पदार्थों में मौजूद प्रोटीन पर शोध किया और जैव रसायन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं को अपना आत्मबल मजबूत रखना चाहिए। दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से वे जीवन में आगे बढ़ सकती हैं और अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकती हैं।

नैतिकता और ईमानदारी से रुकेंगे पेपर लीक

राज्यपाल ने परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। समाज में नैतिकता, ईमानदारी और प्रामाणिकता की भावना विकसित करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति के जीवन में नैतिक मूल्य मजबूत होंगे, तब पेपर लीक जैसी अनैतिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। ये मूल्य जीवन के संस्कारों से विकसित होते हैं। इसलिए युवाओं को ऐसी शिक्षा से जुड़ना चाहिए, जो उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायक हो।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को समाज, सामाजिक परिस्थितियों और जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों का ज्ञान भी प्राप्त करना चाहिए। इससे उनकी सोच व्यापक होगी और वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। उन्होंने भारतीय शिक्षा व्यवस्था में नैतिक मूल्यों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। राज्यपाल के अनुसार, शिक्षा में चरित्र निर्माण और जीवन मूल्यों को उचित स्थान मिलना चाहिए, ताकि युवा ज्ञानवान होने के साथ-साथ ईमानदार और जिम्मेदार भी बन सकें।

पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ लगाना ही नहीं, बचाना भी जरूरी

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर विद्यार्थियों और युवाओं से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी से बचाव और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए पेड़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने के साथ उनकी देखभाल करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भले ही बड़े क्षेत्र में पौधारोपण करने के बजाय कम क्षेत्र में पेड़ लगाए जाएं, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि लगाए गए पौधे जीवित रहें और बड़े होकर पेड़ बनें। केवल पौधे लगा देना पर्याप्त नहीं है, उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी जरूरी है।

राज्यपाल ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए सभी बच्चों से इसमें भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रत्येक बच्चे को पेड़ लगाने और उनकी सार-संभाल करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

शिक्षा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

कार्यक्रम में राज्यपाल का संदेश स्पष्ट रहा कि देश के युवाओं का भविष्य केवल किताबी ज्ञान से नहीं, बल्कि बौद्धिक विकास, नैतिक मूल्यों, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी से मजबूत होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा को जीवन में उतारने, महिलाओं की उपलब्धियों से प्रेरणा लेने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

राज्यपाल ने कहा कि यदि युवा ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को अपनाएं, तो वे न केवल अपने जीवन में सफल हो सकते हैं, बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

Share: