राजस्थान विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण: स्पीकर वासुदेव देवनानी ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
जयपुर । राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विद्यार्थियों से ज्ञान को शक्ति, चरित्र को पहचान और कर्म को राष्ट्र की प्रगति का आधार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य की नींव रखने का महत्वपूर्ण समय है। इस दौरान प्राप्त ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और कर्तव्यबोध ही व्यक्ति के व्यक्तित्व को मजबूत बनाते हैं और उसे समाज व राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष की पहल पर आयोजित विधानसभा जन-दर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को अजमेर के सतगुरु इंटरनेशनल स्कूल के 56 छात्र-छात्राओं ने राजस्थान विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विधानसभा सदन, विधानसभा भवन और राजनीतिक आख्यान संग्रहालय का अवलोकन किया। भ्रमण के माध्यम से उन्हें प्रदेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, विधायी प्रक्रिया और संसदीय परंपराओं को करीब से समझने का अवसर मिला।
विद्यार्थियों से शिक्षा और खेलकूद पर किया संवाद
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी पढ़ाई, रुचियों, खेलकूद और अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर सीखते रहने, अपने निर्धारित लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करने की प्रेरणा दी।
देवनानी ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास भी करना चाहिए। शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और कर्तव्यबोध का समन्वय व्यक्ति को जीवन में सफलता प्राप्त करने में मदद करता है। ये गुण विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और समाज व राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम बनाते हैं।
बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करें विद्यार्थी
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अर्जित ज्ञान, विकसित दृष्टिकोण और आत्मसात किए गए मूल्य भविष्य की दिशा तय करते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें लगातार निखारने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने संदेश दिया कि प्रत्येक विद्यार्थी अपने ज्ञान को अपनी शक्ति, अपने चरित्र को अपनी पहचान और अपने कर्म को राष्ट्र की प्रगति का आधार बनाए। उनके अनुसार, शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के विकास में योगदान देना भी है।
राष्ट्र प्रथम की भावना अपनाने का आह्वान
वासुदेव देवनानी ने विद्यार्थियों से राष्ट्र प्रथम की भावना अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जागरूक, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ नागरिकों पर निर्भर करती है। नागरिकों को लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका समझनी चाहिए और देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
विधानसभा भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सदन की कार्यप्रणाली, विधायी गतिविधियों और संसदीय परंपराओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। राजनीतिक आख्यान संग्रहालय के अवलोकन से उन्हें राजस्थान की राजनीतिक और लोकतांत्रिक यात्रा के विभिन्न पहलुओं को जानने का अवसर मिला। इस अनुभव ने विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं के महत्व और उनकी कार्यप्रणाली को समझने में मदद की।
56 विद्यार्थियों ने लिया शैक्षणिक भ्रमण में भाग
अजमेर के सतगुरु इंटरनेशनल स्कूल के इस दल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विभिन्न संकायों के 56 छात्र-छात्राएं शामिल थे। विद्यार्थियों के साथ विद्यालय के शिक्षक भी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने विधानसभा भ्रमण को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी अनुभव बताया तथा इस अवसर के लिए विधानसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक राजा डी. थारवानी ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिवादन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को राजस्थान विधानसभा देखने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने का अवसर प्रदान करने के लिए आभार जताया।
यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के साथ व्यावहारिक जानकारी हासिल करने का अवसर बना। इससे उन्हें लोकतंत्र, विधायी प्रक्रिया और नागरिक कर्तव्यों के महत्व को समझने में मदद मिली।
