जयपुर में सजेगा इंदौर के जायकों का स्वाद, 56 Dukaan Food Trail में मिलेगी मालवा की खास पहचान
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर अपने ऐतिहासिक वैभव, पर्यटन और विविध खान-पान के लिए देशभर में पहचान रखता है। इसी शहर में अब मध्य प्रदेश के इंदौर के मशहूर स्ट्रीट फूड और मालवा की समृद्ध खान-पान संस्कृति का स्वाद भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। जयपुर स्थित Hilton Jaipur के Aurum Restaurant में ‘56 Dukaan – Indore Food Trail’ के माध्यम से इंदौर के लोकप्रिय व्यंजनों और वहां की खास फूड कल्चर को पेश किया गया। यह विशेष फूड फेस्टिवल 12 से 21 जून 2026 तक आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य जयपुर के लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों को इंदौर के उन स्वादों से रूबरू कराना था, जिनकी देशभर में अपनी अलग पहचान है।
इंदौर की मशहूर 56 दुकानों से प्रेरित फूड ट्रेल
इंदौर की पहचान केवल मध्य प्रदेश के एक बड़े शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख फूड डेस्टिनेशन के तौर पर भी बनी है। खास तौर पर 56 दुकान और सराफा बाजार यहां के खान-पान की संस्कृति के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं। 56 दुकान क्षेत्र में अलग-अलग तरह के स्ट्रीट फूड और स्नैक्स लोगों को आकर्षित करते हैं। इसी लोकप्रिय फूड कल्चर से प्रेरणा लेकर Hilton Jaipur ने ‘56 Dukaan – Indore Food Trail’ की अवधारणा तैयार की। इस आयोजन के जरिए इंदौर के पारंपरिक स्वाद को जयपुर के माहौल में पेश करने की कोशिश की गई। इंदौर की 56 दुकान फूड स्ट्रीट अपने विविध व्यंजनों के लिए जानी जाती है। यहां चाट, कचौरी, पोहा, मिठाइयों और अलग-अलग तरह के स्नैक्स से लेकर कई लोकप्रिय स्थानीय व्यंजन मिलते हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच यह क्षेत्र खासा लोकप्रिय है।
पोहा-जलेबी से लेकर चाट तक, कई स्वादों की झलक
इंदौर के खान-पान की बात हो और पोहा-जलेबी का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं है। इंदौरी पोहा अपनी खास मसाला शैली और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। वहीं जलेबी के साथ इसका कॉम्बिनेशन सुबह के नाश्ते की लोकप्रिय पसंद माना जाता है। इंदौर के स्ट्रीट फूड में चाट की भी खास जगह है। दही बड़ा, कचौरी, खोपरा पैटीज, भुट्टे की कीस और विभिन्न प्रकार के नमकीन यहां के पारंपरिक स्वाद को अलग पहचान देते हैं। 56 दुकान में मिलने वाले कई लोकप्रिय व्यंजन लंबे समय से लोगों के बीच पसंद किए जाते रहे हैं। इंदौर के खान-पान की खासियत यह है कि यहां पारंपरिक व्यंजनों के साथ आधुनिक फूड प्रयोग भी देखने को मिलते हैं। यही वजह है कि शहर की फूड स्ट्रीट युवाओं से लेकर परिवारों और पर्यटकों तक सभी को आकर्षित करती है।
जयपुर में एक जगह मिला इंदौर का फूड कल्चर
‘56 Dukaan – Indore Food Trail’ का सबसे खास पहलू यह रहा कि जयपुर में बैठे लोगों को इंदौर की प्रसिद्ध फूड स्ट्रीट का अनुभव एक ही जगह पर लेने का अवसर मिला। Aurum Restaurant में इस आयोजन के माध्यम से इंदौर की लोकप्रिय खान-पान परंपरा को होटल के खास डाइनिंग अनुभव के साथ जोड़ा गया। आयोजन के जरिए भोजन को सिर्फ स्वाद तक सीमित रखने के बजाय उसे संस्कृति और विरासत से जोड़ने की कोशिश भी की गई। किसी भी शहर की स्थानीय पहचान में उसके खान-पान की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इंदौर इसका एक प्रमुख उदाहरण है, जहां स्ट्रीट फूड शहर की जीवनशैली और सामाजिक संस्कृति का हिस्सा बन चुका है।
इंदौर की फूड स्ट्रीट की अपनी अलग पहचान
इंदौर की 56 दुकान को देश के चर्चित फूड स्पॉट्स में गिना जाता है। यहां बड़ी संख्या में लोग स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने पहुंचते हैं। 56 दुकान की खासियत इसकी विविधता है, जहां एक ही क्षेत्र में कई तरह के खाने के विकल्प मिलते हैं। पर्यटकों के अनुभवों में भी 56 दुकान की साफ-सफाई, खान-पान की विविधता और जीवंत माहौल का उल्लेख मिलता है। यहां स्ट्रीट फूड के साथ लोगों को घूमने और स्थानीय माहौल का आनंद लेने का अवसर मिलता है। इंदौर के अलावा सराफा बाजार भी शहर के प्रसिद्ध फूड डेस्टिनेशन में शामिल है। दिन के समय व्यापारिक गतिविधियों वाला यह क्षेत्र शाम और रात में खाने-पीने के शौकीनों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है। भुट्टे की कीस, गराडू, दही बड़ा, जलेबी, कुल्फी और अन्य स्थानीय व्यंजन यहां की फूड संस्कृति को खास बनाते हैं।
फूड टूरिज्म को भी मिलता है बढ़ावा
इस तरह के आयोजन केवल खाने के शौकीनों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं होते, बल्कि फूड टूरिज्म को भी बढ़ावा देते हैं। भारत में अलग-अलग क्षेत्रों की खान-पान परंपराएं स्थानीय संस्कृति और इतिहास से जुड़ी हुई हैं। जब किसी शहर के पारंपरिक व्यंजनों को दूसरे शहर में पेश किया जाता है, तो लोगों को नई जगह की संस्कृति को समझने का मौका मिलता है। जयपुर जैसे पर्यटन केंद्र में इंदौर के फूड कल्चर को पेश करना इसी दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा सकता है। ‘56 Dukaan – Indore Food Trail’ ने जयपुर के फूड लवर्स को इंदौर के स्वाद और मालवा की खान-पान परंपरा से जोड़ने का अवसर दिया। इस तरह के फूड इवेंट्स देश के अलग-अलग हिस्सों की पाक कला और स्थानीय स्वादों को एक मंच पर लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
जयपुर के फूड लवर्स के लिए खास अनुभव
जयपुर में पहले से ही राजस्थानी व्यंजनों की समृद्ध परंपरा है। दाल-बाटी-चूरमा, प्याज की कचौरी और घेवर जैसे स्थानीय स्वाद यहां की पहचान हैं। ऐसे में इंदौर के लोकप्रिय स्ट्रीट फूड को जयपुर में पेश करना दोनों शहरों की अलग-अलग खान-पान संस्कृतियों को एक मंच पर लाने जैसा रहा। ‘56 Dukaan – Indore Food Trail’ के जरिए जयपुर के लोगों को इंदौर की प्रसिद्ध फूड स्ट्रीट के स्वादों को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिला। इस आयोजन ने यह भी दिखाया कि भारत की खाद्य संस्कृति कितनी विविध और समृद्ध है, जहां हर शहर और क्षेत्र के अपने खास स्वाद हैं। इंदौर की फूड कल्चर को जयपुर जैसे पर्यटन और खान-पान के लिए प्रसिद्ध शहर में पेश करने से दोनों शहरों की खाद्य परंपराओं के बीच एक स्वादिष्ट कनेक्शन देखने को मिला।
