हिंदुस्तान जिंक: चांदी उत्पादन 20% बढ़ा, छठे साल रिकॉर्ड

मुंबई। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने चांदी उत्पादन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी का चांदी उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़कर छठे साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी के मुताबिक, उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ मेटल उत्पादन में भी लगातार तेजी देखने को मिल रही है। यह प्रदर्शन हिंदुस्तान जिंक की बढ़ती उत्पादन क्षमता और परिचालन दक्षता को दर्शाता है।

कंपनी का उत्पादन बीती तिमाही में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। चांदी के उत्पादन में हुई यह बढ़ोतरी नई उत्पादन क्षमता का परिणाम मानी जा रही है। कंपनी का आकलन है कि बढ़ती क्षमता के चलते आने वाले समय में उत्पादन में और तेजी देखने को मिल सकती है।

खदान से मेटल उत्पादन 5% बढ़ा

जुलाई से सितंबर की तिमाही के दौरान हिंदुस्तान जिंक की खदानों से निकाली गई मेटल की मात्रा 271 हजार टन रही। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 5 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के लिए यह किसी भी दूसरी तिमाही की तुलना में रिकॉर्ड उत्पादन है। वहीं, बिक्री योग्य मेटल का उत्पादन भी 264 हजार टन रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले करीब 7 प्रतिशत अधिक है। उत्पादन में लगातार हो रही बढ़ोतरी से कंपनी के कारोबार और परिचालन क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

चांदी उत्पादन में 20% की तेज बढ़ोतरी

हिंदुस्तान जिंक के लिए चांदी उत्पादन महत्वपूर्ण कारोबार क्षेत्रों में शामिल है। जुलाई-सितंबर तिमाही में चांदी का उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल-सितंबर की अवधि में इसमें करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी की ओर से उत्पादन क्षमता में लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसके चलते चांदी सहित अन्य मेटल के उत्पादन में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

पवन ऊर्जा उत्पादन भी बढ़ा

हिंदुस्तान जिंक के प्रदर्शन में पवन ऊर्जा उत्पादन का भी योगदान रहा। जुलाई-सितंबर तिमाही में पवन ऊर्जा से उत्पादन में करीब 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल-सितंबर की अवधि में यह बढ़ोतरी करीब 8 प्रतिशत रही। कंपनी के अनुसार, ऊर्जा उत्पादन और मेटल उत्पादन दोनों क्षेत्रों में क्षमता बढ़ने से परिचालन को फायदा मिल रहा है।

नई तकनीक और क्षमता विस्तार पर जोर

कंपनी के मुताबिक, चंदेरिया और दरीबा में मौजूद प्लांट्स की अड़चनों को दूर करके क्षमता बढ़ाई गई है। इसके साथ ही दरीबा में सालाना 160 हजार टन क्षमता वाला नया रोस्टर शुरू किया जा चुका है। इससे कंपनी की उत्पादन क्षमता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। हिंदुस्तान जिंक का फोकस उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी है। कंपनी का मानना है कि क्षमता विस्तार से आने वाले समय में उत्पादन में लगातार सुधार किया जा सकता है।

कमोडिटी बाजार में कंपनी की मजबूत स्थिति

हिंदुस्तान जिंक दुनिया की प्रमुख जिंक-लीड-सिल्वर उत्पादक कंपनियों में शामिल है। कंपनी के उत्पादन आंकड़ों में लगातार सुधार से कमोडिटी बाजार में उसकी स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है। कंपनी के उत्पादन में बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब जिंक और चांदी जैसी धातुओं की वैश्विक मांग पर बाजार की नजर बनी हुई है। चांदी की मांग में बढ़ोतरी और औद्योगिक इस्तेमाल के विस्तार से इस क्षेत्र में कंपनियों के लिए नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

कंपनी के प्रमुख उत्पादन आंकड़े

  • खदान उत्पादन: 271 हजार टन, करीब 5% वृद्धि
  • बिक्री योग्य मेटल: 264 हजार टन, करीब 7% वृद्धि
  • चांदी उत्पादन: 20% की तिमाही बढ़ोतरी
  • अप्रैल-सितंबर में चांदी उत्पादन: करीब 10% वृद्धि
  • पवन ऊर्जा उत्पादन: जुलाई-सितंबर में 17% बढ़ा
  • रिफाइंड जिंक और लेड उत्पादन: करीब 14% बढ़ा

हिंदुस्तान जिंक का यह प्रदर्शन कंपनी की लगातार बढ़ती उत्पादन क्षमता को दर्शाता है। खासतौर पर चांदी उत्पादन में छठे साल रिकॉर्ड बनना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले समय में क्षमता विस्तार और नई तकनीकों के इस्तेमाल से उत्पादन में और तेजी आने की उम्मीद है।

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