एमएसएमई को समय पर वित्तीय सहायता दिलाने के लिए राजस्थान सरकार की बड़ी पहल, M1xchange और RXIL से हुआ एमओयू
जयपुर। राजस्थान में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। विभाग ने M1xchange और Receivables Exchange of India Limited (RXIL) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के एमएसएमई उद्योगों के बीच Trade Receivables Discounting System (TReDS) के उपयोग को बढ़ावा देना और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
TReDS से एमएसएमई को मिलेगी समय पर कार्यशील पूंजी
TReDS एमएसएमई के लिए कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने का एक डिजिटल माध्यम है। इसके जरिए एमएसएमई द्वारा कॉरपोरेट्स, सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को उपलब्ध कराए गए माल या सेवाओं के स्वीकृत बिलों का भुगतान निर्धारित तिथि से पहले प्राप्त किया जा सकता है। इस व्यवस्था में बिल स्वीकार होने के बाद अधिकृत वित्तीय संस्थान प्रतिस्पर्धी दरों पर इन बिलों को फाइनेंस करते हैं। इससे एमएसएमई को अपने भुगतान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता और कारोबार के दैनिक संचालन के साथ-साथ विस्तार के लिए आवश्यक धनराशि समय पर उपलब्ध हो जाती है।
बड़े कारोबार और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के लिए TReDS पंजीकरण अनिवार्य
केंद्र सरकार की ओर से भी एमएसएमई की कार्यशील पूंजी संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए TReDS व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की 7 नवंबर 2024 की गजट अधिसूचना के तहत 250 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाली कंपनियों और सभी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए TReDS प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया था। इसके बाद 30 जून को जारी अधिसूचना के माध्यम से इस व्यवस्था को और मजबूत किया गया। इसके तहत कार्यरत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए एमएसएमई से संबंधित खरीद बिलों के भुगतान का निपटान भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अधिकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से करना आवश्यक किया गया है।
राज्य में TReDS लागू करने के लिए जारी हुई SOP
राजस्थान में TReDS व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने सभी संबंधित विभागों को Standard Operating Procedure (SOP) जारी की है। इस SOP के माध्यम से राज्य में TReDS लागू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था राज्य सरकार के सभी विभागों, बोर्ड, निगम, प्राधिकरणों, संस्थाओं और एमएसएमई विक्रेताओं एवं आपूर्तिकर्ताओं पर लागू होगी।
भुगतान जल्दी मिलने से मजबूत होगा एमएसएमई सेक्टर
TReDS के माध्यम से प्रदेश के एमएसएमई उद्यमों को कॉरपोरेट्स, सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से मिलने वाले भुगतानों को निर्धारित समय से पहले प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे कारोबार में नकदी का प्रवाह बेहतर होगा और उद्यमों को अपनी कार्यशील पूंजी संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
M1xchange और RXIL के सहयोग से उद्योग एवं वाणिज्य विभाग संबंधित हितधारकों के बीच TReDS व्यवस्था को प्रोत्साहित करेगा। इसके लिए जागरूकता बढ़ाने और व्यवस्था के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य राजस्थान की एमएसएमई नीतियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करना और प्रदेश में एक मजबूत एवं प्रतिस्पर्धी एमएसएमई इकोसिस्टम तैयार करना है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से Ease of Doing Business को बढ़ावा
राजस्थान सरकार की यह पहल एमएसएमई क्षेत्र के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया को सुगम बनाने से छोटे और मध्यम उद्यमों को वित्तीय दबाव कम करने तथा कारोबार को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की यह पहल प्रदेश में Ease of Doing Business को बढ़ावा देने और एमएसएमई उद्यमियों को समय पर वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।