अस्पतालों की कैंटीन और आसपास के खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच, 59 खाद्य नमूने लिए
जयपुर । प्रदेश में मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने विशेष सघन निरीक्षण एवं नमूनीकरण अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। अभियान के पहले दिन प्रदेशभर में 100 से अधिक सरकारी एवं निजी अस्पतालों की कैंटीन और रेस्टोरेंट तथा अस्पतालों के आसपास स्थित 72 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 59 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए और उन्हें प्रयोगशालाओं में भेजा गया। वहीं करीब 500 किलोग्राम खाद्य सामग्री को मौके पर नष्ट कराया गया।
खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनकेपरिजनों के लिए उपचार के साथ सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित कैंटीन एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान कमियां पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को नियमानुसार सुधार के निर्देश दिए जाएं और आवश्यकता होने पर विधिक कार्रवाई भी की जाए।
90 कैंटीन और खाद्य प्रतिष्ठानों को नोटिस
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देशों के तहत अभियान के पहले दिन प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा उनके अंदर और आसपास संचालित कैंटीन, कैफेटेरिया, भोजनालय, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई। खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना नहीं करने वाले 90 कैंटीन एवं खाद्य प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए हैं।
जयपुर में महात्मा गांधी हॉस्पिटल, आरयूएचएस हॉस्पिटल, जेईसीआरसी हॉस्पिटल और नारायणा हॉस्पिटल की कैंटीनों तथा इनके आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया और आवश्यक कार्रवाई की गई।
खाद्य सामग्री के भंडारण और रसोई की भी जांच
विभागीय टीमों ने खाद्य प्रतिष्ठानों में पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता, खाद्य सामग्री के भंडारण की स्थिति, रसोई परिसर की साफ-सफाई, खाद्य संचालकों एवं कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता तथा उपयोग किए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता की जांच की। इसके अलावा कच्चे और पके खाद्य पदार्थों को रखने तथा उनके रख-रखाव की व्यवस्था की भी जांच की गई। टीमों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनिवार्य प्रावधानों की पालना की स्थिति भी देखी।
30 सितंबर तक जारी रहेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि यह विशेष निरीक्षण एवं नमूनीकरण अभियान 24 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक लगातार जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य अस्पतालों के अंदर और आसपास मरीजों एवं उनके तीमारदारों को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों की पालना नहीं करने वाले तथा खाद्य गुणवत्ता से समझौता करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
