अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम से अधिकाधिक विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाए: मुख्य सचिव
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में सोमवार को शासन सचिवालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं, बजट घोषणाओं तथा विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को रोजगारपरक बनाने और विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को उच्च शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से अधिकाधिक विद्यार्थियों को जोड़ा जाना चाहिए, ताकि पढ़ाई के साथ उन्हें उद्योगों में कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हो सके। इससे विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
बैठक में बताया गया कि अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम के तहत विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप अवधि के दौरान 12 हजार 300 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाता है। इस व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थी अपनी डिग्री की पढ़ाई जारी रखने के साथ-साथ संबंधित उद्योग में कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त करते हैं। इससे उन्हें शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार होने में मदद मिलती है।
श्रीनिवास ने उच्च एवं दीर्घकालीन शिक्षा योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की नियमित समीक्षा कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संचालित योजनाओं का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करना नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें रोजगार, कौशल और उद्यमिता के लिए सक्षम बनाना भी होना चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में ऐसे पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं, जो युवाओं को वर्तमान बाजार की मांग के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें रोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें। उन्होंने शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता भी बताई, ताकि विद्यार्थियों को उनकी पढ़ाई के दौरान ही वास्तविक कार्यक्षेत्र की जानकारी और अनुभव मिल सके।
बैठक में छात्र हित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि वर्ष 2023-24 से वर्ष 2025-26 तक मेधावी छात्रा स्कूटी, देवनारायण छात्रा स्कूटी एवं अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत कुल 45 हजार 924 छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। वहीं, चालू वर्ष में लगभग 88 हजार छात्राओं को ई-काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत ई-वाउचर/स्कॉलर कोड के माध्यम से लाभान्वित किए जाने की जानकारी दी गई।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति से मुख्य सचिव को अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि कॉमन स्कॉलर कम्युनिकेशन स्किल प्रोग्राम के तहत राजकीय महाविद्यालयों में करीब 1,200 विद्यार्थियों को विदेशी भाषाओं का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के संचार कौशल को मजबूत करना और उन्हें बेहतर रोजगार अवसरों के लिए तैयार करना है।
मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और पात्र विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जाए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
