राजस्थान में ITI की बदलेगी तस्वीर, भिवाड़ी क्लस्टर के लिए ₹241 करोड़ मंजूर; युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
राजस्थान में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक बनाने और युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से केंद्र सरकार की पीएम-सेतु योजना के तहत भिवाड़ी हब-स्पोक क्लस्टर के लिए 241 करोड़ रुपये की निवेश योजना को मंजूरी मिली है। इस पहल से प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के अवसर मिलेंगे। राजस्थान शेयर होल्डर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने वाला पहला राज्य भी बन गया है।
पीएम-सेतु योजना से आधुनिक बनेंगे राजस्थान के ITI
केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई) योजना का उद्देश्य सरकारी आईटीआई को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है। इसके माध्यम से युवाओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
राजस्थान में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ स्थानीय उद्योगों को प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। यह पहल विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप युवाओं को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भिवाड़ी क्लस्टर के लिए 241 करोड़ रुपये की मंजूरी
पीएम-सेतु योजना के तहत राष्ट्रीय संचालन समिति ने भिवाड़ी हब-स्पोक क्लस्टर की 241 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजना को मंजूरी दी है। इसके बाद केंद्र सरकार, राजस्थान सरकार और एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के बीच शेयर होल्डर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
भिवाड़ी क्लस्टर के लिए एच.जी. इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड को एंकर इंडस्ट्री पार्टनर बनाया गया है। इस क्लस्टर का मुख्य फोकस इन्फ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देना होगा।
इस व्यवस्था के तहत राजकीय आईटीआई भिवाड़ी को हब बनाया जाएगा, जबकि राजकीय आईटीआई अलवर, नीमराणा, तिजारा और किशनगढ़बास स्पोक संस्थानों के रूप में इससे जुड़ेंगे। इससे इन संस्थानों के विद्यार्थियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लैब से मिलेगी ट्रेनिंग
भिवाड़ी क्लस्टर के अंतर्गत स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाओं और डिजिटल शिक्षण सामग्री जैसी सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। हब संस्थान में तैयार होने वाली इन सुविधाओं का लाभ इससे जुड़े चारों स्पोक आईटीआई के विद्यार्थियों को भी मिलेगा।
दिल्ली-एनसीआर के नजदीक स्थित भिवाड़ी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे।
इनमें एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन और इंजीनियरिंग से जुड़े पाठ्यक्रम शामिल होंगे। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ वास्तविक कार्यस्थल पर प्रशिक्षण यानी ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग का अवसर भी मिलेगा। इससे उन्हें उद्योगों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा और नौकरी पाने की संभावनाएं बेहतर हो सकेंगी।
राजस्थान में बनेंगे 12 हब-स्पोक क्लस्टर
राजस्थान में पीएम-सेतु योजना के तहत कुल 12 हब-स्पोक क्लस्टर विकसित करने की योजना है। भिवाड़ी क्लस्टर को मंजूरी मिलने के बाद अब शेष 11 क्लस्टर्स के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
इन प्रस्तावित क्लस्टर्स में जयपुर, जोधपुर, कोटा, भरतपुर, बांसवाड़ा, बालोतरा, बीकानेर, भीलवाड़ा, कोटपूतली, सीकर और पाली शामिल हैं।
योजना के तहत प्रत्येक क्लस्टर की लागत में लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार, 33 प्रतिशत राज्य सरकार और 17 प्रतिशत उद्योग जगत की ओर से दिया जाएगा। वहीं, क्लस्टर के प्रबंधन के लिए गठित होने वाले विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) में एंकर इंडस्ट्री पार्टनर की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 24.5-24.5 प्रतिशत रहेगी।
इस मॉडल के जरिए उद्योगों की मांग और प्रशिक्षण व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा।
60 हजार करोड़ रुपये से 1,000 ITI होंगे अपग्रेड
पीएम-सेतु योजना का कुल बजट 60,000 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें केंद्र सरकार 30,000 करोड़ रुपये, राज्य सरकारें 20,000 करोड़ रुपये और उद्योग जगत 10,000 करोड़ रुपये का योगदान देगा।
इस योजना के तहत देशभर में 1,000 सरकारी आईटीआई को अपग्रेड किया जाएगा। इनमें 200 हब और 800 स्पोक संस्थान शामिल होंगे। इसका उद्देश्य देश में कौशल विकास के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित करना है।
AI, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे कोर्स पर जोर
योजना के अंतर्गत राजस्थान के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, 5G नेटवर्क, इलेक्ट्रिक व्हीकल, साइबर सुरक्षा, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी और कंस्ट्रक्शन ऑटोमेशन जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना में 32 से अधिक नए पाठ्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
इसके अतिरिक्त पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को वैश्विक साझेदारियों के माध्यम से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे आईटीआई प्रशिक्षकों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाओं और आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
युवाओं को रोजगार और उद्योगों को कुशल कर्मचारी
राजस्थान में पीएम-सेतु योजना के लागू होने से कौशल प्रशिक्षण को औद्योगिक विकास की जरूरतों से जोड़ने में मदद मिलेगी। आधुनिक पाठ्यक्रम, व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योगों की भागीदारी से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने पर जोर रहेगा।
भिवाड़ी क्लस्टर की मंजूरी और प्रदेश में प्रस्तावित अन्य 11 क्लस्टर्स के माध्यम से तकनीकी शिक्षा को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित करने और स्थानीय उद्योगों को कुशल कार्यबल उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।